कौशल शिक्षा
सेल्फ डिफेन्स प्रोग्राम
गतिविधि का नाम:
सेल्फ डिफेन्स प्रोग्राम
प्रतिभागी:
कक्षा IV से VIII के छात्र।
दैनिक घंटे:दो घंटे का दैनिक सत्र
उद्देश्य:
1. शारीरिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य (शारीरिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य)
छात्रों की सहनशक्ति, लचीलापन, ताकत और शारीरिक समन्वय को बेहतर बनाना।
नियमित शारीरिक गतिविधि के लिए जरूरी है कि वे एक सक्रिय और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित हों।
2. आत्मरक्षा कौशल (आत्मरक्षा की कला)
छात्रों को, खास कर लड़कियों को, अचानक आने वाली मुश्किल या खतरनाक परिस्थितियों में अपनी रक्षा (आत्मरक्षा) करने की बुनियादी तकनीकें सिखाना।
बेसिक स्ट्राइक, ब्लॉक, और एस्केप की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देना ताकी वो कॉन्फिडेंट फील करें।
3. आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति (Confidence & Mental दृढ़ता)
विद्यार्थियों के अंदर आत्मविश्वास, अनुशासन और आत्म-नियंत्रण को बढ़ाना है।
छात्रों पर प्रभाव:
1. बढ़ी हुई व्यक्तिगत सुरक्षा और आत्मविश्वास (आत्मरक्षा और आत्म-विश्वास)
निडरता: छात्रों, विशेष रूप से लड़कियों, में किसी भी अंजान या मुसीबत वाली स्थिति का सामना करने का डर कम होता है और उनका आत्मविश्वास ऊंचा होता है।
तैयारी: वो समझते हैं कि अचानक आने वाली इमरजेंसी में खुद को कैसे बचाना है, जिसमें उनमें एक अलग तरह की सुरक्षा की भावना आती है।
2. बेहतर मानसिक स्वास्थ्य और तनाव से राहत (मानसिक स्वास्थ्य और तनाव मुक्ति)
अनुशासन और फोकस: कराटे अभ्यास करने से ध्यान (एकाग्रता) बढ़ता है, जिसका सीधा सकारात्मक असर उनकी पढाई और स्कूल की गतिविधियों पर पड़ता है।
भावनात्मक संतुलन: नियमित शारीरिक गतिविधि और मार्शल आर्ट प्रशिक्षण से तनाव, चिंता और हताशा दूर होती है, और बच्चे ज्यादा शांत और खुश रहते हैं।
3. बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य (शारीरिक स्वास्थ्य)
शक्ति और चपलता: छात्रों की समग्र शारीरिक शक्ति, लचीलापन, सजगता और सहनशक्ति में सुधार होता है।
सक्रिय जीवनशैली: आजकल के स्क्रीन-टाइम (मोबाइल/टीवी) के दौर में ये सत्र उन्हें शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की आदत डालता है और मोटापा या सुस्ती (सुस्तीपन) से बचाता है।